{"product_id":"aag-aur-dhuan-2310-2327-2324-2352-2343-2369-2310-2306-paperback-1","title":"Aag Aur Dhuan (\u0026#2310;\u0026#2327; \u0026#2324;\u0026#2352; \u0026#2343;\u0026#2369;\u0026#2310;\u0026#2306;) - Paperback","description":"\u003cdiv\u003e\u003cp style=\"text-align: right;\"\u003e\u003ca href=\"https:\/\/reportcopyrightinfringement.com\/\" target=\"_blank\" rel=\"nofollow\"\u003e\u003cb\u003eReport copyright infringement\u003c\/b\u003e\u003c\/a\u003e\u003c\/p\u003e\u003c\/div\u003e\u003cp\u003eby \u003cb\u003eAcharya Chatursen\u003c\/b\u003e (Author)\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eआचार्य चतुरसेन शास्त्री द्वारा रचित उपन्यास 'आग और धुआं' उनके अन्य ऐतिहासिक उपन्यासों की तुलना में एक विशिष्ट और गंभीर रचना है। यह उपन्यास मुख्य रूप से सामाजिक और राजनीतिक चेतना के इर्द-गिर्द बुना गया है, जिसमें मानवीय संबंधों की जटिलताओं और समाज के अंतर्विरोधों को गहराई से उकेरा गया है।\u003cbr\u003eकथानक और विषय-वस्तुः इस उपन्यास का शीर्षक 'आग और धुआं' स्वयं में एक गहरा अर्थ समेटे हुए है। जहाँ 'आग' मनुष्य की दबी हुई इच्छाओं, जुनून और समाज में पनप रहे असंतोष व क्रांति का प्रतीक है, वहीं 'धुआं' उस भ्रम, अस्पष्टता और सामाजिक कुरीतियों को दर्शाता है जो सत्य को ढके रहती हैं। चतुरसेन जी ने इस कृति में प्रेम, ईर्ष्या, और महत्वाकांक्षा के साथ-साथ तत्कालीन भारतीय समाज की विडंबनाओं का चित्रण किया है।\u003cbr\u003eमनोवैज्ञानिक गहराईः लेखक ने पात्रों के अंतर्मन का सूक्ष्म विश्लेषण किया है।\u003cbr\u003eइसमें दिखाया गया है कि कैसे एक व्यक्ति बाहर से शांत दिखने के बावजूद भीतर ही भीतर विचारों की 'आग' में जलता रहता है।\u003cbr\u003eभाषा और शैली आचार्य चतुरसेन की भाषा सदैव की तरह तत्सम प्रधान और ओजपूर्ण है। उनकी वर्णन शैली पाठक के समक्ष पूरा दृश्य जीवंत कर देती है।\u003cbr\u003eयथार्थवादः यह उपन्या\u003c\/p\u003e\n            \u003cdiv\u003e\n\u003cstrong\u003eNumber of Pages:\u003c\/strong\u003e 154\u003c\/div\u003e\n            \u003cdiv\u003e\n\u003cstrong\u003eDimensions:\u003c\/strong\u003e 0.36 x 8.5 x 5.5 IN\u003c\/div\u003e\n            \u003cdiv\u003e\n\u003cstrong\u003ePublication Date:\u003c\/strong\u003e March 30, 2026\u003c\/div\u003e\n            ","brand":"BooksCloud","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":53752279138611,"sku":"9788169102919","price":27.14,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0300\/5595\/6612\/files\/G9VJ4QON679788169102919_843028dd-0862-48df-9efb-16b4d80eafa0.webp?v=1785286390","url":"https:\/\/www.vysn.com\/en-ca\/products\/aag-aur-dhuan-2310-2327-2324-2352-2343-2369-2310-2306-paperback-1","provider":"VYSN","version":"1.0","type":"link"}